Wednesday, 2 February 2011

धन्यवाद


हे सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर हम सभी आपको धन्यवाद देते है कि आपने हमें बीते समय से हमारी हर तरह से रक्षा रखवाली किया हर परेशानी दिक्कतो से हमें  बचाया बिषैले जीव जन्तु से, बुरे मनुष्यों से, अचानक होने वाले दुर्घटनाओं  से, हमें  बचाया इसके लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।
आपने हमें  जीवन दिया हमारा पालन किया इसके लिए आपको धन्यवाद। हमें  देखने के लिए आँख, सुनने के लिए कान, बोलने के लिए मुँह, छुने पकड़ने के लिए हाथ, चलने के लिए पैर, सोचने समझने के लिए दिमाग बुद्धि दिया इन सभी चीजों  के लिए, कार्य करने के लिए शक्ति समर्थ ज्ञान विवेक दिया इसके लिए भी आपको तहेदिल से धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद। लाखों करोड़ों  बार आपको धन्यवाद। धन्यवाद। प्रभु।

हे संत तेरेसा हमारे लिए प्रार्थना कर।

मदर तेरेसा
We have been created for greater things, to love and to be loved.
Mother Teresa of Calcutta

हे प्रभु मुझे अपनी शान्ति का साधन बना
जहाँ घृणा हो, वहाँ प्रेम उपजाऊँ।
जहाँ भूल हो, वहाँ क्षमा भावना ला सकूँ।
जहाँ फूट हो, वहाँ मेल करा सकूँ।
जहाँ असत्य हो, वहाँ सच्चाई ला सकूँ।
जहाँ संदेह हो, वहाँ विश्वास सकूँ।
जहाँ निराशा हो, वहाँ आशा का संचार करूँ।
जहाँ अंधकार हो, वहाँ उजाला लाऊँ ।
जहाँ उदासी हो, वहाँ आनन्द फैला सकूँ।
हे प्रभु ऐसी कृपा दीजिए कि मैं  दिलासा पाने के बजाय दुसरों को दिलासा दूँ।
स्वीकृति पाने की बजाय  दुसरों को स्वीकार करूँ।
प्रेम पाने के बजाय प्रेम प्रदान करूँ। क्योँकि स्वयं को भुलाने में ही हम पाते है।
क्षमा करने में  ही हमें  क्षमा मिलती है। और मृत्यु के द्वारा ही हम अनन्त जीवन में  जन्म पाते है।
आमेन

असासी के संत फ्रांसिस द्वारा रचित शांति की यह प्रार्थना मदर तेरेसा द्वारा रोजाना कही जाती थी।


" आइए हम ईश्वर के ह्रदय में  प्रेमपूर्ण ह्रदय बने एवं प्रेम की इस खुशी को दुसरों में बांटे- उनकी मदद, प्रेम एवं सेवा भावना द्वारा।"

कलकता की धन्य तेरेसा हमारे लिए प्रार्थना कर।
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