Wednesday, 2 February 2011

हे संत तेरेसा हमारे लिए प्रार्थना कर।

मदर तेरेसा
We have been created for greater things, to love and to be loved.
Mother Teresa of Calcutta

हे प्रभु मुझे अपनी शान्ति का साधन बना
जहाँ घृणा हो, वहाँ प्रेम उपजाऊँ।
जहाँ भूल हो, वहाँ क्षमा भावना ला सकूँ।
जहाँ फूट हो, वहाँ मेल करा सकूँ।
जहाँ असत्य हो, वहाँ सच्चाई ला सकूँ।
जहाँ संदेह हो, वहाँ विश्वास सकूँ।
जहाँ निराशा हो, वहाँ आशा का संचार करूँ।
जहाँ अंधकार हो, वहाँ उजाला लाऊँ ।
जहाँ उदासी हो, वहाँ आनन्द फैला सकूँ।
हे प्रभु ऐसी कृपा दीजिए कि मैं  दिलासा पाने के बजाय दुसरों को दिलासा दूँ।
स्वीकृति पाने की बजाय  दुसरों को स्वीकार करूँ।
प्रेम पाने के बजाय प्रेम प्रदान करूँ। क्योँकि स्वयं को भुलाने में ही हम पाते है।
क्षमा करने में  ही हमें  क्षमा मिलती है। और मृत्यु के द्वारा ही हम अनन्त जीवन में  जन्म पाते है।
आमेन

असासी के संत फ्रांसिस द्वारा रचित शांति की यह प्रार्थना मदर तेरेसा द्वारा रोजाना कही जाती थी।


" आइए हम ईश्वर के ह्रदय में  प्रेमपूर्ण ह्रदय बने एवं प्रेम की इस खुशी को दुसरों में बांटे- उनकी मदद, प्रेम एवं सेवा भावना द्वारा।"

कलकता की धन्य तेरेसा हमारे लिए प्रार्थना कर।

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